Wednesday, April 22, 2009
Tuesday, November 11, 2008
आज का मीडिया
मीडिया का राज
मीडिया भेड़ चाल चलने मैं कितना यकीन रखता है आप किसी भी न्यूज़ चॅनल को खोल के देख ले आप को सिवाय हिंदू आतंकवाद के आलावा कोई ख़बर ही नहीं होगी उस से बच निकले तो आप को एक मंत्री की बदतमीजी दिखाई जाने लगेगी जो इतनी बार दिखाई जा चुकी है की मंत्री जी से सहानभूति हो गई है वैसे देखा जाय तो मंत्री जी ऐसा कुछ नहीं किया जितना उन्हें भोगना पड़ रहा है किसी महिला ने क्या ठेका ले रखा है की वो ही सही है किसी ने ये नहीं जानने की कोशिश नही की की मंत्री जी सही हैं या ग़लत . मीडिया तो उन पर चढ़ बैठा जैसे उन्होंने किसी का खून कर दिया संजना जैन जो एक महिला हैं का ढिंढोरा पीटा जा रहा वहीं महारास्त्र की ats जिसने साध्वी प्रज्ञा को इतने दिनों से पकड़ रखा है उनको कितना परेशान किया जा रहा है उस के बारे मैं मीडिया चुप्पी ओड़े है वो इस बात का सूचक है की मीडिया महिला महिला मैं कितना फर्क करता है उनका अपराध अभी तक साबित नहीं हुआ है ऊपर से ndtv मंत्री बनाम महिला विवाद मैं अपनी पीठ ख़ुद ही ठोक रही है उस बात को दोहरा दोहरा के वो थक भी नहीं रहे हैं ये कैसा मीडिया धर्म है जो ndtv और उन जैसे चैनलों के पैरोकार निभा रहें हैं ये वो चॅनल हैं जो ख़ुद महिलाओं मैं भेद करते हैं वो क्या महिला उत्थान की बात कर आम जन के बीच अपनी पैठ जमायेंगे
Posted by Amitraghat 0
मीडिया भेड़ चाल चलने मैं कितना यकीन रखता है आप किसी भी न्यूज़ चॅनल को खोल के देख ले आप को सिवाय हिंदू आतंकवाद के आलावा कोई ख़बर ही नहीं होगी उस से बच निकले तो आप को एक मंत्री की बदतमीजी दिखाई जाने लगेगी जो इतनी बार दिखाई जा चुकी है की मंत्री जी से सहानभूति हो गई है वैसे देखा जाय तो मंत्री जी ऐसा कुछ नहीं किया जितना उन्हें भोगना पड़ रहा है किसी महिला ने क्या ठेका ले रखा है की वो ही सही है किसी ने ये नहीं जानने की कोशिश नही की की मंत्री जी सही हैं या ग़लत . मीडिया तो उन पर चढ़ बैठा जैसे उन्होंने किसी का खून कर दिया संजना जैन जो एक महिला हैं का ढिंढोरा पीटा जा रहा वहीं महारास्त्र की ats जिसने साध्वी प्रज्ञा को इतने दिनों से पकड़ रखा है उनको कितना परेशान किया जा रहा है उस के बारे मैं मीडिया चुप्पी ओड़े है वो इस बात का सूचक है की मीडिया महिला महिला मैं कितना फर्क करता है उनका अपराध अभी तक साबित नहीं हुआ है ऊपर से ndtv मंत्री बनाम महिला विवाद मैं अपनी पीठ ख़ुद ही ठोक रही है उस बात को दोहरा दोहरा के वो थक भी नहीं रहे हैं ये कैसा मीडिया धर्म है जो ndtv और उन जैसे चैनलों के पैरोकार निभा रहें हैं ये वो चॅनल हैं जो ख़ुद महिलाओं मैं भेद करते हैं वो क्या महिला उत्थान की बात कर आम जन के बीच अपनी पैठ जमायेंगे
Posted by Amitraghat 0
Saturday, November 8, 2008
, कटघरे
साध्वी नहीं, कटघरे में है एटीएस
पहली बार हिंदू आतंकवादी गिरोह का भंडाफोड़ कर इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने के मंसूबे पालने वाला महाराष्ट्र पुलिस का आतंकवाद निरोधी दस्ता अब अपने ही बुने जाल में फंसता जा रहा है। यही कारण है कि एटीएस अब वैज्ञानिक जांच के नतीजों को अवैज्ञानिक और भोथरे दलीलों से झुठलाने की कोशिश कर रहा है।
गौर करने की बात ये है कि जिस मालेगांव विस्फोट में साध्वी को दोषी ठहराया जा रहा है वह पहली घटना नहीं है. इसके पहले भी 2006 में मालेगांव की मस्जिद के बाहर विस्फोट हो चुका है, जिसमें कई लोग मारे गए थे। इस विस्फोट की जांच भी महाराष्ट्र पुलिस ने की थी लेकिन उसकी जांच पर जब सवालिया निशान लग गया तो जांच सीबीआई को सौंप दी गई। पिछले तीन साल से सीबीआई की स्पेशल टास्क फोर्स इसकी जांच कर रही है। ये वही स्पेशल टास्क फोर्स है, जिसने 1993 के मुंबई बम धमाकों की जांच की थी और इसी जांच के आधार पर इसके लिए लगभग 117 आरोपियों की मुंबई की विशेष अदालत ने सजा भी सुना दी। लेकिन अभी तक मालेगांव विस्फोट की जांच का कोई नतीजा नहीं निकला है।
इसी साल जून महीने में मैंने जब सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी, जो अब रिटायर हो चुके हैं, से इस जांच की स्थिति के बारे में जानना चाहा तो उनका कहना था कि इसकी जांच में कोई खास प्रगति नहीं हो पाई है और उनका ये भी कहना था प्रारंभिक जांच ये जरूर पता चलता है कि इस विस्फोट के पीछे भी उन्हीं लोगों का हाथ है जिन्होंने हैदराबाद की मक्का मस्जिद समेत देश के विभिन्न शहरों में विस्फोटों को अंजाम दिया है। मजे की बात ये है कि मालेगांव की ताजा विस्फोट के लिए प्रज्ञा सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई का कोई अधिकारी इस मामले में बोलने के लिए तैयार नहीं है। एटीएस (एन्टी टेरेरिस्ट स्क्वाड) साध्वी के खिलाफ मिले सबूतों और उसकी ब्रेनमैपिंग व नार्कों टेस्ट के नतीजों को सार्वजनिक करने के बजाय अब साध्वी की साधना की आड़ लेकर अपनी गलतियों को छुपाने की कोशिश कर रहा है।
एक बात और जिस समय मालेगांव में विस्फोट हुआ उसी समय गुजरात के मोडासा में भी विस्फोट हुआ। खुफिया एजेंसियों का तब कहना था कि इन दोनों विस्फोटों के पीछे एक ही आतंकवादी संगठन का हाथ है। लेकिन गुजरात पुलिस ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर और अन्य आरोपियों से पूछताछ के बाद दो दिन पहले साफ कर दिया कि मोडासा विस्फोटों में इस गिरोह के हाथ के सबूत नहीं मिले हैं। स्वाभाविक है कि इसे मोदी सरकार की हिंदू आतंकवादियों को बचाने की चाल कह कर खारिज किया जा सकता है। लेकिन यूपीए सरकार के तहत काम करने वाली सीबीआई पर इस तरह का आरोप नहीं लगाया जा सकता। फिर सीबीआई इस मामले में चुप क्यों है? जबकि साफ है कि मालेगांव में हुए दोनों विस्फोटों के पीछे उद्देश्य और विस्फोट करने का तरीका एक ही है तो फिर सीबीआई प्रज्ञा सिंह ठाकुर से पूछताछ करने की कोशिश क्यों नहीं कर रही है? ये बड़ा सवाल है और इस सवाल का जबाव ढूंढने में ही साध्वी की गिरफ्तारी और कथित हिंदू आतंकवाद के खुलासे के पीछे छुपे राजनीतिक छल-प्रपंच का भंडाफोड़ हो पाएगा.
जिस तरह से मालेगांव में हुए विस्फोट में सिर्फ साध्वी के नाम पर रजिस्टर्ड मोटरसाइकिल के आधार पर उसे हिंदू आतंकवादी करार दे दिया गया और मीडिया ट्रायल के द्वारा इसे सही साबित करने की कोशिश की गई उससे साफ हो गया कि एटीएस के पास साध्वी के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। कोशिश ये की गई कि मुंबई की ही फॉरेंसिक लेबोरेटरी में ही साध्वी की ब्रेन मैपिंग कराकर इसे साध्वी के खिलाफ उपयोग किया जाए। वरना नार्को या ब्रेन मैपिग के लिए मुंबई की फॉरेसिक लेबोरेटरी का कोई खास स्थान नहीं है। इसके लिए सबसे अच्छी लेबोरेटरी बेंगलोर की मानी जाती है। सीबीआई सभी अहम मामलों में ये जांच वहीं कराती रही है। फिर दुनिया के पहले हिंदू आतंकवादियों की ब्रेन मैपिग और नार्को मुंबई की फॉरेंसिक लैब में कराने के पीछे क्या राज हो सकता है? वैसे एटीएस को इसमें भी सफलता नहीं मिली है। फिलहाल साध्वी सभी वैज्ञानिक जांचों में बेदाग निकल गई हैं। अब एटीएस दोबारा से परीक्षण की बात कह रहा है.
इस मामले में बुरी तरह फंस चुकी एटीएस इसे साध्वी की साधना का कमाल बता रही है। जबकि एटीएस के अधिकारियों को ये तो मालूम ही होगा कि सिर्फ नार्को या ब्रेन मैपिंग के आधार पर किसी के दोषी नहीं ठहराया जा सकता, वरना सीबीआई आरूषि हत्याकांड में कृष्णा और राजकुमार के खिलाफ कब का चार्जशीट दाखिल कर देती। खैर एटीएस को तो प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ ये भी नहीं मिला है। जाहिर अब थोथी दलीलों के आधार पर एटीएस अपना बचाव करने की कोशिश करने लगी है।
साध्वी नहीं, कटघरे में है एटीएस
पहली बार हिंदू आतंकवादी गिरोह का भंडाफोड़ कर इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने के मंसूबे पालने वाला महाराष्ट्र पुलिस का आतंकवाद निरोधी दस्ता अब अपने ही बुने जाल में फंसता जा रहा है। यही कारण है कि एटीएस अब वैज्ञानिक जांच के नतीजों को अवैज्ञानिक और भोथरे दलीलों से झुठलाने की कोशिश कर रहा है।
गौर करने की बात ये है कि जिस मालेगांव विस्फोट में साध्वी को दोषी ठहराया जा रहा है वह पहली घटना नहीं है. इसके पहले भी 2006 में मालेगांव की मस्जिद के बाहर विस्फोट हो चुका है, जिसमें कई लोग मारे गए थे। इस विस्फोट की जांच भी महाराष्ट्र पुलिस ने की थी लेकिन उसकी जांच पर जब सवालिया निशान लग गया तो जांच सीबीआई को सौंप दी गई। पिछले तीन साल से सीबीआई की स्पेशल टास्क फोर्स इसकी जांच कर रही है। ये वही स्पेशल टास्क फोर्स है, जिसने 1993 के मुंबई बम धमाकों की जांच की थी और इसी जांच के आधार पर इसके लिए लगभग 117 आरोपियों की मुंबई की विशेष अदालत ने सजा भी सुना दी। लेकिन अभी तक मालेगांव विस्फोट की जांच का कोई नतीजा नहीं निकला है।
इसी साल जून महीने में मैंने जब सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी, जो अब रिटायर हो चुके हैं, से इस जांच की स्थिति के बारे में जानना चाहा तो उनका कहना था कि इसकी जांच में कोई खास प्रगति नहीं हो पाई है और उनका ये भी कहना था प्रारंभिक जांच ये जरूर पता चलता है कि इस विस्फोट के पीछे भी उन्हीं लोगों का हाथ है जिन्होंने हैदराबाद की मक्का मस्जिद समेत देश के विभिन्न शहरों में विस्फोटों को अंजाम दिया है। मजे की बात ये है कि मालेगांव की ताजा विस्फोट के लिए प्रज्ञा सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई का कोई अधिकारी इस मामले में बोलने के लिए तैयार नहीं है। एटीएस (एन्टी टेरेरिस्ट स्क्वाड) साध्वी के खिलाफ मिले सबूतों और उसकी ब्रेनमैपिंग व नार्कों टेस्ट के नतीजों को सार्वजनिक करने के बजाय अब साध्वी की साधना की आड़ लेकर अपनी गलतियों को छुपाने की कोशिश कर रहा है।
एक बात और जिस समय मालेगांव में विस्फोट हुआ उसी समय गुजरात के मोडासा में भी विस्फोट हुआ। खुफिया एजेंसियों का तब कहना था कि इन दोनों विस्फोटों के पीछे एक ही आतंकवादी संगठन का हाथ है। लेकिन गुजरात पुलिस ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर और अन्य आरोपियों से पूछताछ के बाद दो दिन पहले साफ कर दिया कि मोडासा विस्फोटों में इस गिरोह के हाथ के सबूत नहीं मिले हैं। स्वाभाविक है कि इसे मोदी सरकार की हिंदू आतंकवादियों को बचाने की चाल कह कर खारिज किया जा सकता है। लेकिन यूपीए सरकार के तहत काम करने वाली सीबीआई पर इस तरह का आरोप नहीं लगाया जा सकता। फिर सीबीआई इस मामले में चुप क्यों है? जबकि साफ है कि मालेगांव में हुए दोनों विस्फोटों के पीछे उद्देश्य और विस्फोट करने का तरीका एक ही है तो फिर सीबीआई प्रज्ञा सिंह ठाकुर से पूछताछ करने की कोशिश क्यों नहीं कर रही है? ये बड़ा सवाल है और इस सवाल का जबाव ढूंढने में ही साध्वी की गिरफ्तारी और कथित हिंदू आतंकवाद के खुलासे के पीछे छुपे राजनीतिक छल-प्रपंच का भंडाफोड़ हो पाएगा.
जिस तरह से मालेगांव में हुए विस्फोट में सिर्फ साध्वी के नाम पर रजिस्टर्ड मोटरसाइकिल के आधार पर उसे हिंदू आतंकवादी करार दे दिया गया और मीडिया ट्रायल के द्वारा इसे सही साबित करने की कोशिश की गई उससे साफ हो गया कि एटीएस के पास साध्वी के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। कोशिश ये की गई कि मुंबई की ही फॉरेंसिक लेबोरेटरी में ही साध्वी की ब्रेन मैपिंग कराकर इसे साध्वी के खिलाफ उपयोग किया जाए। वरना नार्को या ब्रेन मैपिग के लिए मुंबई की फॉरेसिक लेबोरेटरी का कोई खास स्थान नहीं है। इसके लिए सबसे अच्छी लेबोरेटरी बेंगलोर की मानी जाती है। सीबीआई सभी अहम मामलों में ये जांच वहीं कराती रही है। फिर दुनिया के पहले हिंदू आतंकवादियों की ब्रेन मैपिग और नार्को मुंबई की फॉरेंसिक लैब में कराने के पीछे क्या राज हो सकता है? वैसे एटीएस को इसमें भी सफलता नहीं मिली है। फिलहाल साध्वी सभी वैज्ञानिक जांचों में बेदाग निकल गई हैं। अब एटीएस दोबारा से परीक्षण की बात कह रहा है.
इस मामले में बुरी तरह फंस चुकी एटीएस इसे साध्वी की साधना का कमाल बता रही है। जबकि एटीएस के अधिकारियों को ये तो मालूम ही होगा कि सिर्फ नार्को या ब्रेन मैपिंग के आधार पर किसी के दोषी नहीं ठहराया जा सकता, वरना सीबीआई आरूषि हत्याकांड में कृष्णा और राजकुमार के खिलाफ कब का चार्जशीट दाखिल कर देती। खैर एटीएस को तो प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ ये भी नहीं मिला है। जाहिर अब थोथी दलीलों के आधार पर एटीएस अपना बचाव करने की कोशिश करने लगी है।
QURAN=ALLAH'S WORD
Very interesting reading!!!!
Very interesting findings of
Dr. Tariq Al Swaidan
might grasp your attention:
Dr.Tarig Al Swaidan discovered some verses in the
Holy Qur'an
That mention one thing is equal to another,
i.e. men are equal to women.
Although this makes sense grammatically,
the astonishing fact is that the number of
times the word man appears in
the Holy Qur'an
is 24 and number of times the word
woman appears is also 24,
therefore not only is this phrase correct in
the grammatical sense but also true mathematically,
i.e. 24 = 24.
Upon further analysis of various verses,
he discovered that this is consistent throughout the whole
Holy Qur'an
where it says one thing is like another.s
see below for astonishing result of
the words mentioned number of times in Arabic
Holy Qur'an
Dunia (one name for life) 115.
Aakhirat (one name for the life after this world) 115
Malaika (Angels) 88 . Shayteen (Satan) 88
Life 145 .... Death 145
Benefit 50 . Corrupt 50
People 50 .. Messengers 50
Eblees (king of devils) 11 . Seek refuge from Eblees 11
Museebah (calamity) 75 . Thanks 75
Spending (Sadaqah) 73 . Satisfaction 73
People who are mislead 17 . Dead people 17
Muslimeen 41 . Jihad 41
Gold 8 . Easy life 8
Magic 60 . Fitnah (dissuasion, misleading) 60
Zakat (Taxes Muslims pay to the poor) 32 .
Barakah (Increasing or blessings of wealth) 32
Mind 49 . Noor 49
Tongue 25 . Sermon 25
Desite 8 . Fear 8
Speaking publicly 18 . Publicising 18
Hardship 114 .... Patience 114
Muhammed 4 . Sharee'ah (Muhammed's teachings) 4
Man 24. Woman 24
And amazingly enough have a look how many times
the following words appear:
Salat 5, Month 12, Day 365,
Sea 32, Land 13
Sea + land = 32+13= 45
Sea = 32/45*100q.11111111%
Land = 13/45*100 = 28.88888889%
Sea + land 0.00%
Modern science has only recently proven that the water covers
71.111% of the
earth, while the land covers 28.889%.
Is this a coincidence? Question is that
Who taught Prophet Muhammed (PBUH) all this?
Reply automatically comes in mind that
ALMIGHTY ALLAH
taught him.
This as the
Holy Qur'an
also tells us this.
please pass this on to all your friends
Aayah 87 of Suraa (Chapter) Al-Anbia
para 17:
LA ILAHA ILA ANTA
SUBHANAKA INI KUNTU MINA ZALIMEEN.
During the next 60 seconds,
stop whatever you are doing,
and take this opportunity.
All you have to do is
:
PLEASE SEND THIS TO ALL PEOPLE THE YOU KNOW.
zaiba osman
DISCLAIMER - The preceding e-mail message (including any attachments) contains information that may be confidential, may be protected by the attorney-client or other applicable privileges, or may constitute non-public information. It is intended to be conveyed only to the designated recipient(s) named above. If you are not an intended recipient of this message, please notify the sender by replying to this message and then delete all copies of it from your computer system. Any use, dissemination, distribution, or reproduction of this message by unintended recipients is not authorised and may be unlawful. The contents of this communication do not necessarily represent
Very interesting findings of
Dr. Tariq Al Swaidan
might grasp your attention:
Dr.Tarig Al Swaidan discovered some verses in the
Holy Qur'an
That mention one thing is equal to another,
i.e. men are equal to women.
Although this makes sense grammatically,
the astonishing fact is that the number of
times the word man appears in
the Holy Qur'an
is 24 and number of times the word
woman appears is also 24,
therefore not only is this phrase correct in
the grammatical sense but also true mathematically,
i.e. 24 = 24.
Upon further analysis of various verses,
he discovered that this is consistent throughout the whole
Holy Qur'an
where it says one thing is like another.s
see below for astonishing result of
the words mentioned number of times in Arabic
Holy Qur'an
Dunia (one name for life) 115.
Aakhirat (one name for the life after this world) 115
Malaika (Angels) 88 . Shayteen (Satan) 88
Life 145 .... Death 145
Benefit 50 . Corrupt 50
People 50 .. Messengers 50
Eblees (king of devils) 11 . Seek refuge from Eblees 11
Museebah (calamity) 75 . Thanks 75
Spending (Sadaqah) 73 . Satisfaction 73
People who are mislead 17 . Dead people 17
Muslimeen 41 . Jihad 41
Gold 8 . Easy life 8
Magic 60 . Fitnah (dissuasion, misleading) 60
Zakat (Taxes Muslims pay to the poor) 32 .
Barakah (Increasing or blessings of wealth) 32
Mind 49 . Noor 49
Tongue 25 . Sermon 25
Desite 8 . Fear 8
Speaking publicly 18 . Publicising 18
Hardship 114 .... Patience 114
Muhammed 4 . Sharee'ah (Muhammed's teachings) 4
Man 24. Woman 24
And amazingly enough have a look how many times
the following words appear:
Salat 5, Month 12, Day 365,
Sea 32, Land 13
Sea + land = 32+13= 45
Sea = 32/45*100q.11111111%
Land = 13/45*100 = 28.88888889%
Sea + land 0.00%
Modern science has only recently proven that the water covers
71.111% of the
earth, while the land covers 28.889%.
Is this a coincidence? Question is that
Who taught Prophet Muhammed (PBUH) all this?
Reply automatically comes in mind that
ALMIGHTY ALLAH
taught him.
This as the
Holy Qur'an
also tells us this.
please pass this on to all your friends
Aayah 87 of Suraa (Chapter) Al-Anbia
para 17:
LA ILAHA ILA ANTA
SUBHANAKA INI KUNTU MINA ZALIMEEN.
During the next 60 seconds,
stop whatever you are doing,
and take this opportunity.
All you have to do is
:
PLEASE SEND THIS TO ALL PEOPLE THE YOU KNOW.
zaiba osman
DISCLAIMER - The preceding e-mail message (including any attachments) contains information that may be confidential, may be protected by the attorney-client or other applicable privileges, or may constitute non-public information. It is intended to be conveyed only to the designated recipient(s) named above. If you are not an intended recipient of this message, please notify the sender by replying to this message and then delete all copies of it from your computer system. Any use, dissemination, distribution, or reproduction of this message by unintended recipients is not authorised and may be unlawful. The contents of this communication do not necessarily represent
बेंजामिन फ्रैंकलिन
"IT MIGHT HAVE BEEN"
"IT SHOULD HAVE"
"I WISH IHAD "
"IF ONLY I HAVE GIVEN A LITTLE EXTRA"
NEVER LEAVE TILL TOMORROW WHICH YOU CAN DO TODAY .
BENJAMIN FRANKIN
"IT SHOULD HAVE"
"I WISH IHAD "
"IF ONLY I HAVE GIVEN A LITTLE EXTRA"
NEVER LEAVE TILL TOMORROW WHICH YOU CAN DO TODAY .
BENJAMIN FRANKIN
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